
इस शृंखला के पिछले लेख और भगवान् श्रीगणेश से संबंधित महत्वपूर्ण लेख यहाँ पढ़ें: गणेश जी प्रथम पूज्य क्यों हैं?...

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गणेश चतुर्थी: क्या यह विघ्नहर्ता की वास्तविक उपासना है या अनजाने में घोर देव-अपमान? सनातन धर्म के त्योहारों और पूजन...

अगर आपने ‘वेद क्या हैं?’ शृंखला के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ क्लिक करें: [भाग १] , [भाग २] , [भाग ३], [भाग ४], [भाग...

श्रीकृष्ण जन्म के दुर्लभ रहस्य: जो बहुत कम लोग जानते हैं श्रीमद्भागवत महापुराण में भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य भारतीय वांग्मय...

अगर आपने ‘वेद क्या हैं?’ शृंखला के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ क्लिक करें: [भाग १] , [भाग २] , [भाग ३], [भाग ४] वेद...

अगर आपने ‘वेद क्या हैं?’ शृंखला के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ क्लिक करें: 👉 [भाग १] ,...

रामराज्य का महत्त्व: अनसुने सत्य क्या आप जानते हैं कि भगवान श्रीराम के लगभग 11,000 वर्षों के शासनकाल में— किसी...

महर्षि वेदव्यास गुरुओं के परम गुरु हैं! उनकी जन्म तिथि ही ‘गुरु पूर्णिमा’ है ! सनातन संस्कृति में ‘गुरु’ को...

वेद क्या हैं ? श्रृंखला के पिछले दो लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें भाग-१ और भाग २ ...

यदि आपने “सूर्य-नारायण का महात्म्य (भाग-1)” अभी तक नहीं पढ़ा है, तो उसे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।...

वेद क्या हैं ? – भाग २ (अगर आपने भाग-१ नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें ->भाग १ )...

महाभारत (पंचम वेद) के अलौकिक एवं अद्भुत रहस्य सनातन धर्म के अनंत वांग्मय में महाभारत केवल एक ग्रंथ नहीं,...

होली केवल एक लोक–उत्सव ही नहीं ! सनातन धर्म में कोई भी पर्व आकस्मिक नहीं है। प्रत्येक उत्सव ब्रह्मांडीय चक्रों,...

महाशिवरात्रि का वास्तविक अर्थ : परंपरा और भ्रांति के बीच छिपा शास्त्रीय सत्य सनातन धर्म के महान पर्वों में महाशिवरात्रि...

क्या यह मात्र संयोग है? 18 संख्या सिर्फ़ एक संयोग नहीं है! क्या है इस का रहस्य ? श्रीमद्भगवद्गीता में...

यदि आपने अभी तक “पुराण क्या हैं – भाग 1” नहीं पढ़ा है, उसका link इधर है 👉 भाग 1...

भाग १ इस लेख-शृंखला का ध्येय वेदों के प्रति जिज्ञासा रखना प्रत्येक हिंदू का सौभाग्य है, किंतु उस जिज्ञासा की...

वेद और “(14) चतुर्दश विद्यासंस्थान प्राचीन वैदिक परंपरा में समस्त ज्ञान को चौदह प्रमुख शाखाओं में विभाजित किया गया है,...

भाग -१ संख्या १०८: पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का वह ‘ब्रह्मांडीय सूत्र‘ जिससे आधुनिक विज्ञान आज भी अनभिज्ञ है!...

सनातन-धर्म की आस्था का सूचक चिन्ह क्या है? हर हिन्दू के द्वार पर अंकित, हर शुभ कार्य की शुरुआत में...

भाग २ श्रीमद देवीभागवत महापुराण के अनुसार मूल प्रकृति स्वरूपा पांच देवियों के जो अंश, अंशांश, अर्धांश आदि भेद से...

क्यों पंचदेवों में भगवान सूर्यनारायण विशेष हैं एकमात्र प्रत्यक्ष देवता: पंचदेवों में भगवान सूर्यनारायण की विशिष्टता का प्रथम कारण यह...

भाग ३ (इस शृंखला के पिछले भागों को यहाँ पढ़ें: – 84 lakh yoniyan part 1, 84 lakh yoniyan part...

84 lakh yoniyan part 2 (चतुर्विध सर्ग सृष्टि) भाग २ यदि आपने पहला भाग नहीं पढ़ा है, तो यहाँ पढ़ें:...

भगवान् की कृपा धन, संपत्ति, ऐश्वर्य, वैभव, मान-सम्मान, पदवी, प्रतिष्ठा आदि नहीं है! जी हाँ ! यह तो आपके ही कर्मों का...

हिन्दू का अर्थ, जो हमने सुना है परिकल्पना है असत्य है ! हिन्दू शब्द के अर्थ को साहित्यकारों और इतिहासकारों...

84 lakh yoniyan part 1 (84 लाख योनियों का रहस्य) ८४ लाख योनि विषय क्यों जानना आवश्यक है?...

क्या आप जानते हैं – दीपावली रावण वध से भी पहले मनाई जाती थी! – 🌟 आनंद रामायण का एक...

अगर आपने चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष – भाग 1 नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें धर्मस्तिष्ठति केवलम्...

चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष के मूल में धर्म है । भाग १ में हम “धर्म” क्या है यह...

अगर आपने भाग १ नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें – भगवान शिव की महिमा – भाग १ भगवान...

परब्रह्मस्वरूपा, महाकारुण्यरूपिणीं, भुक्तिमुक्ति-प्रदायिनीं माँ दुर्गा ! नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः आदिशक्ति ही परब्रह्म परमात्मा हैं ! माँ दुर्गा कौन...

सकल मनोरथ सिद्धि–दाता आशुतोष भोलेनाथ भगवान शिव की महिमा ! शान्तं पद्मासनस्थं शशधरमुकुटं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रं शूलं वज्रं च खड्गं परशुमभयदं...

“रामायण कितनी हैं ? ” श्रृंखला के पिछले भाग पढ़ने के लिए ये लिंक्स क्लिक करें भाग १ ।...

‘नमामि त्वां गणाधिप !‘ गणाधिप नमस्तुभ्यं सर्वविघ्नप्रशान्तिद । उमानन्दप्रद प्राज्ञ त्राहि मां भवसागरात् ॥ हरानन्दकर ध्यानज्ञानविज्ञानद प्रभो । विघ्नराज नमस्तुभ्यं...

रामायण कितनी हैं ? (भाग-3) यदि आपने इस श्रृंखला के पहले दो भाग नहीं पढ़े हैं, तो पहले अवश्य पढ़ें रामायण...

गणेश जी प्रथम पूज्य क्यों हैं? भगवान् गणेश की अग्रपूजा (प्रथम-पूज्य) का रहस्य सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः । लम्बोदरश्च विकटो विघन्नाशो...

भाग 1 भाग २ में हम वैदिक काल गणना और युगों का रहस्य, विशेषताएं, उसके कारण, और उसके जीवों पर...

जानिए सनातन धर्म पूरे विश्व में बसे हिंदू जनों के लिए सनातन धर्म के विषय में उपयोगी और प्रमाणिक जानकारी देने...

तब तो आपको ज्योतिष पर भी विश्वास करना ही होगा, भारतीय ज्योतिष बहुत उन्नत विज्ञान है बल्कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं...

पुनर्जन्म की सत्यता को समझने से पहले हमे कुछ प्रश्नो पर विचार करना आवश्यक है आस्तिक कहता है—‘अभी...

जिस तरह से सनातन धर्म का न आदि है न अंत उसी तरह से सनातन धर्म ग्रन्थ भी अनंत हैं , वेद...

शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के बाद भी मोक्ष असंभव क्यों है? सर्वप्रथम हम मोक्ष का अर्थ समझेंगे तत्पश्चात...

क्या हमारा भाग्य पहले से लिखा होता है? क्या हम बुरे प्रारब्ध को बदल सकते हैं? भाग्य को ही हम...

इस जन्म को ऐसे ही न गवाएं !!! हम ८४ लाख योनियों में अनेकों बार जन्म ले चुके हैं, असंख्य बार मनुष्य...

राम जी के अनेक भक्तों, संतों, ऋषियों, ने देश- विदेश में, विभिन्न कालों में अनेक रामायण ग्रंथों की रचना की है सनातन धर्म...

अधिकतर पूजन- अनुष्ठान क्यों नहीं होते सफल ? विश्व भर में सनातनी हिन्दू जन पूजा पाठ हवन अनुष्ठान इत्यादि करते है, अधिकतर पूजन आदि कुछ...

रामायण कितनी हैं? भाग 2 : अद्भुत रामायण और कृतिवास रामायण (यदि आपने इस श्रृंखला का पहला भाग अभी तक...

वैदिक काल गणना और सृष्टि के रहस्य का क्या सम्बन्ध है संकल्प से ? कोई भी पूजन के पहले...