
यदि आपने अभी तक “पुराण क्या हैं – भाग 1”...
सृष्टि-प्रारम्भ काल में सप्तऋषि भगवान शिव से प्राप्त ज्ञान को पृथ्वी-वासियों के कल्याण हेतु और वर्णाश्रम धर्म, योग, नैतिकता और आचरण आदि सम्बंधित ज्ञान का प्रसार करते हैं, शिक्षा देते हैं. वैदिक और पुराण साहित्य इतना विशाल है कि इसका 10% भी पढ़ना / जानना एक जीवनकाल में संभव नहीं है “धर्म सनातन साइट” इस अथाह ज्ञान में से अत्यंत उपयोगी ज्ञान छांट कर सनातनी हिंदुओं को उपलब्ध कराता है , जिन्हें वर्तमान युग और उनके परिवेश के कारण सनातन धर्म, संस्कृति और परंपराओं पर सही ज्ञान तक पहुँच नहीं है

यदि आपने अभी तक “पुराण क्या हैं – भाग 1”...

भाग १ इस लेख-शृंखला का ध्येय वेदों के प्रति जिज्ञासा...

वेद और “(14) चतुर्दश विद्यासंस्थान प्राचीन वैदिक परंपरा में समस्त...

भाग -१ संख्या १०८: पृथ्वी पर जीवन के अस्तित्व का...

सनातन-धर्म की आस्था का सूचक चिन्ह क्या है? हर हिन्दू...

भाग २ श्रीमद देवीभागवत महापुराण के अनुसार मूल प्रकृति स्वरूपा...

क्यों पंचदेवों में भगवान सूर्यनारायण विशेष हैं एकमात्र प्रत्यक्ष देवता:...

भाग ३ (इस शृंखला के पिछले भागों को यहाँ...

84 lakh yoniyan part 2 (चतुर्विध सर्ग सृष्टि) भाग २...

भगवान् की कृपा धन, संपत्ति, ऐश्वर्य, वैभव, मान-सम्मान, पदवी, प्रतिष्ठा आदि नहीं...

हिन्दू का अर्थ, जो हमने सुना है परिकल्पना है असत्य है ! हिन्दू शब्द के अर्थ को साहित्यकारों और इतिहासकारों...

84 lakh yoniyan part 1 (84 लाख योनियों का रहस्य) ८४ लाख योनि विषय क्यों जानना आवश्यक है?...

क्या आप जानते हैं – दीपावली रावण वध से भी पहले मनाई जाती थी! – 🌟 आनंद रामायण का एक...


अगर आपने चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष – भाग 1 नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें धर्मस्तिष्ठति केवलम्...

चार पुरुषार्थ धर्म अर्थ काम मोक्ष के मूल में धर्म है । भाग १ में हम “धर्म” क्या है यह...

भाग 2- भगवान् शंकर की अद्भुत महिमा ! – शिवलिंग के प्रकार भेद तथा माहात्म्य “सर्वो वै रुद्रस्तस्मै रुद्राय नमो अस्तु...

परब्रह्मस्वरूपा, महाकारुण्यरूपिणीं, भुक्तिमुक्ति-प्रदायिनीं माँ दुर्गा ! नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः आदिशक्ति ही परब्रह्म परमात्मा हैं ! माँ दुर्गा कौन...

सकल मनोरथ सिद्धि–दाता आशुतोष भोलेनाथ भगवान् शंकर की अद्भुत महिमा ! शान्तं पद्मासनस्थं शशधरमुकुटं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रं शूलं वज्रं च खड्गं...

“रामायण कितनी हैं ? ” श्रृंखला के पिछले भाग पढ़ने के लिए ये लिंक्स क्लिक करें भाग १ ।...

‘नमामि त्वां गणाधिप !‘ गणाधिप नमस्तुभ्यं सर्वविघ्नप्रशान्तिद । उमानन्दप्रद प्राज्ञ त्राहि मां भवसागरात् ॥ हरानन्दकर ध्यानज्ञानविज्ञानद प्रभो । विघ्नराज नमस्तुभ्यं...

रामायण कितनी हैं ? (भाग-3) यदि आपने इस श्रृंखला के पहले दो भाग नहीं पढ़े हैं, तो पहले अवश्य पढ़ें रामायण...

गणेश जी प्रथम पूज्य क्यों हैं? भगवान् गणेश की अग्रपूजा (प्रथम-पूज्य) का रहस्य सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः । लम्बोदरश्च विकटो विघन्नाशो...

भाग 1 भाग २ में हम युग की विशेषताएं, उसके कारण, और उसके जीवों पर प्रभाव जानेंगे युगों की विशेषताएं...

जानिए सनातन धर्म पूरे विश्व में बसे हिंदू जनों के लिए सनातन धर्म के विषय में उपयोगी और प्रमाणिक जानकारी देने...

तब तो आपको ज्योतिष पर भी विश्वास करना ही होगा, भारतीय ज्योतिष बहुत उन्नत विज्ञान है बल्कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं...

पुनर्जन्म की सत्यता को समझने से पहले हमे कुछ प्रश्नो पर विचार करना आवश्यक है आस्तिक कहता है—‘अभी...

जिस तरह से सनातन धर्म का न आदि है न अंत उसी तरह से सनातन धर्म ग्रन्थ भी अनंत हैं , वेद...

शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के बाद भी मोक्ष असंभव क्यों है? सर्वप्रथम हम मोक्ष का अर्थ समझेंगे तत्पश्चात...

अगर आपने ‘वेद क्या हैं?’ शृंखला के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ क्लिक करें: 👉 [भाग १] |...

वेद क्या हैं ? श्रृंखला के पिछले दो लेख पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें भाग-१ और भाग २ ...

यदि आपने “सूर्य-नारायण का महात्म्य (भाग-1)” अभी तक नहीं पढ़ा है, तो उसे पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।...

वेद क्या हैं ? – भाग २ (अगर आपने भाग-१ नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें ->भाग १ )...

अगर आपने ‘वेद क्या हैं?’ शृंखला के पिछले भाग नहीं पढ़े हैं तो यहाँ क्लिक करें: 👉 [भाग १] |...

वेद क्या हैं ? – भाग २ (अगर आपने भाग-१ नहीं पढ़ा है तो यहाँ क्लिक करें ->भाग १ )...

भाग १ इस लेख-शृंखला का ध्येय वेदों के प्रति जिज्ञासा रखना प्रत्येक हिंदू का सौभाग्य है, किंतु उस जिज्ञासा की...

तब तो आपको ज्योतिष पर भी विश्वास करना ही होगा, भारतीय ज्योतिष बहुत उन्नत विज्ञान है बल्कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं...

महाभारत (पंचम वेद) के अलौकिक एवं अद्भुत रहस्य सनातन धर्म के अनंत वांग्मय में महाभारत केवल एक ग्रंथ नहीं,...

पुनर्जन्म की सत्यता को समझने से पहले हमे कुछ प्रश्नो पर विचार करना आवश्यक है आस्तिक कहता है—‘अभी...

शास्त्रों में वर्णित सरल उपायों के बाद भी मोक्ष असंभव क्यों है? सर्वप्रथम हम मोक्ष का अर्थ समझेंगे तत्पश्चात...

रामराज्य का महत्त्व: अनसुने सत्य क्या आप जानते हैं कि भगवान श्रीराम के लगभग 11,000 वर्षों के शासनकाल में— किसी...

महर्षि वेदव्यास गुरुओं के परम गुरु हैं! उनकी जन्म तिथि ही ‘गुरु पूर्णिमा’ है ! सनातन संस्कृति में ‘गुरु’ को...

महाभारत (पंचम वेद) के अलौकिक एवं अद्भुत रहस्य सनातन धर्म के अनंत वांग्मय में महाभारत केवल एक ग्रंथ नहीं,...

होली केवल एक लोक–उत्सव ही नहीं ! सनातन धर्म में कोई भी पर्व आकस्मिक नहीं है। प्रत्येक उत्सव ब्रह्मांडीय चक्रों,...